उत्तर प्रदेश में यदि खसरे या खतौनी (भूमि अभिलेख/अधिकार अभिलेख) में नाम गलत दर्ज हो गया है (जैसे नाम की स्पेलिंग, उपनाम या पिता/पति का नाम), तो उसे सही कराने की एक विधिक प्रक्रिया होती है। नीचे पूरी जानकारी दी जा रही है, साथ ही प्रार्थना पत्र (Application) और हलफनामा (Affidavit) का प्रारूप भी दिया गया है।
नाम सुधारने की प्रक्रिया (उत्तर प्रदेश)
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प्रार्थना पत्र तैयार करें
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सम्बंधित तहसील/लेखपाल/राजस्व विभाग को संबोधित करते हुए लिखित आवेदन करना होता है।
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आवेदन में स्पष्ट लिखें कि खतौनी/खसरे में कौन-सी प्रविष्टि गलत दर्ज है और उसे किस प्रकार सही करना है।
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हलफनामा (Affidavit) संलग्न करें
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₹10 या ₹20 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित हलफनामा देना होता है।
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इसमें आप स्वयं यह स्वीकार करते हैं कि खतौनी/खसरे में दर्ज नाम गलत है और सही नाम यह है।
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आवश्यक प्रमाणपत्र संलग्न करें
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आधार कार्ड / वोटर कार्ड / राशन कार्ड / हाईस्कूल प्रमाणपत्र / जन्म प्रमाणपत्र / पैन कार्ड इत्यादि की छायाप्रति।
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पारिवारिक रजिस्टर (परिवार रजिस्टर नकल) की छायाप्रति।
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आवेदन कहाँ दें
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सम्बंधित लेखपाल को आवेदन देकर सत्यापन कराएँ।
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इसके बाद लेखपाल/राजस्व निरीक्षक रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार/नायब तहसीलदार को अग्रेषित करेंगे।
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तहसीलदार आदेश पारित करके खतौनी/खसरे में नाम सही करने की प्रविष्टि कराते हैं।
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प्रार्थना पत्र का प्रारूप (Application Format)
हलफनामा का प्रारूप (Affidavit Format)

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