राज्य बनाम मजहर खान | NDPS अधिनियम धारा 8/21 | अपराध स्वीकार पर न्यायिक निर्णय (2026)

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राज्य बनाम मजहर खान : NDPS अधिनियम धारा 8/21 में अपराध स्वीकार पर न्यायिक निर्णय

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केस लॉ सारांश

  • न्यायालय: विशेष न्यायाधीश (NDPS अधिनियम), सोनभद्र
  • वाद शीर्षक: राज्य बनाम मजहर खान
  • अपराध संख्या: 121/2017
  • निर्णय दिनांक: 13 जनवरी 2026
  • लागू धारा: धारा 8/21, NDPS अधिनियम

Case Law Table

बिंदु विवरण
अभियुक्त मजहर खान
आरोप 30 ग्राम हेरोइन का अवैध कब्जा
गिरफ्तारी 15-07-2017
साक्ष्य स्थिति अभियोजन द्वारा कोई गवाह प्रस्तुत नहीं
निर्णय दोषसिद्धि – अपराध स्वीकार के आधार पर
दंड पूर्व कारावास अवधि + ₹15,000 अर्थदंड

न्यायालय की टिप्पणी

प्रकरण वर्ष 2017 से लंबित चला आ रहा है तथा यदि विचारण किया जाए तो इसके लंबे समय तक चलने की प्रबल संभावना है। अभियुक्त द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने के आधार पर प्रकरण का निस्तारण किया जाना उचित प्रतीत होता है।
NDPS Act Section 8/21 judgment Indian court legal case law

न्यायिक विश्लेषण

न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि मुकदमा अत्यधिक समय से लंबित था और अभियोजन द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अभियुक्त द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार करने, उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा लंबे कारावास को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने न्यूनतम दंड प्रदान किया।


Public Impact

  • त्वरित न्याय के संवैधानिक सिद्धांत को बल
  • NDPS मामलों में देरी के प्रभाव को रेखांकित करता है
  • न्यायिक संसाधनों के कुशल उपयोग पर जोर

FAQs

प्रश्न 1: क्या NDPS मामला अपराध स्वीकार पर तय हो सकता है?

हाँ, यदि अपराध स्वीकार स्वेच्छिक, सचेत एवं विधिसम्मत हो।

प्रश्न 2: क्या मुकदमे में देरी से अभियुक्त को लाभ मिलता है?

केवल देरी से नहीं, परंतु यह दंड निर्धारण में शमन का आधार बन सकती है।

प्रश्न 3: क्या यह बरी होने का मामला था?

नहीं, अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया था।


Judgment Citation

राज्य बनाम मजहर खान, विशेष न्यायाधीश (NDPS अधिनियम), सोनभद्र, अपराध संख्या 121/2017, निर्णय दिनांक 13 जनवरी 2026।


Author: Indian Law Fact

Indian Law Fact भारतीय विधियों, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों पर आधारित एक विधिक जागरूकता मंच है। सभी लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से न्यायिक अभिलेखों के आधार पर तैयार किए जाते हैं।


Disclaimer

  • यह लेख कानूनी सलाह नहीं है
  • केवल शैक्षिक एवं सूचनात्मक उद्देश्य हेतु
  • इससे वकील-मुवक्किल संबंध स्थापित नहीं होता

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