RTI आवेदन कैसे करें? Online & Offline प्रक्रिया | 2026 Guide

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RTI आवेदन कैसे करें? (Online & Offline) | सम्पूर्ण प्रक्रिया 2026

📅 Updated : July 2026 ✍️ Author : Adv. Satyam Shukla ⚖ Indian Law Fact
RTI Application Format Hindi

यदि आप किसी सरकारी विभाग, ग्राम पंचायत, नगर निगम, पुलिस, राजस्व विभाग, विद्यालय, विश्वविद्यालय या अन्य लोक प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करना चाहते हैं, तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 आपको यह कानूनी अधिकार प्रदान करता है। इस लेख में RTI आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया सरल हिन्दी में चरण-दर-चरण समझाई गई है।
महत्वपूर्ण: RTI के माध्यम से केवल वही सूचना मांगी जा सकती है जो संबंधित लोक प्राधिकरण के रिकॉर्ड में उपलब्ध हो। किसी अधिकारी से राय, स्पष्टीकरण या भविष्यवाणी नहीं मांगी जा सकती।

RTI आवेदन क्या है?

RTI (Right to Information) आवेदन एक कानूनी आवेदन है जिसके माध्यम से कोई भी भारतीय नागरिक सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत किसी लोक प्राधिकरण (Public Authority) से उपलब्ध सरकारी अभिलेख, दस्तावेज, आदेश, रिपोर्ट, नोटशीट, भुगतान विवरण, कार्ययोजना, अनुबंध, निरीक्षण रिपोर्ट, प्रमाणित प्रतियां तथा अन्य सार्वजनिक सूचनाएं प्राप्त कर सकता है।

RTI आवेदन का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता (Transparency), जवाबदेही (Accountability) तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित करना है। यह कानून प्रत्येक नागरिक को सरकार से प्रश्न पूछने और रिकॉर्ड देखने का अधिकार प्रदान करता है।

सरल भाषा में समझें

यदि किसी सरकारी विभाग ने सड़क बनाई है, शौचालय बनवाया है, मनरेगा में भुगतान किया है, प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसा खर्च किया है या किसी योजना का लाभ दिया है, तो उस कार्य से संबंधित रिकॉर्ड RTI के माध्यम से मांगा जा सकता है।

RTI से कौन-कौन सी जानकारी मांगी जा सकती है?

  • ✔ प्रमाणित दस्तावेज (Certified Copies)
  • ✔ सरकारी आदेश (Government Orders)
  • ✔ नोटशीट (File Notings)
  • ✔ भुगतान विवरण (Payment Details)
  • ✔ कार्यादेश (Work Order)
  • ✔ मापन पुस्तिका (Measurement Book)
  • ✔ निविदा (Tender Documents)
  • ✔ निरीक्षण रिपोर्ट (Inspection Report)
  • ✔ उपस्थिति पंजिका (Attendance Register)
  • ✔ लाभार्थी सूची (Beneficiary List)
  • ✔ पंचायत विकास कार्यों का रिकॉर्ड
  • ✔ सरकारी योजनाओं का व्यय विवरण
महत्वपूर्ण

RTI के माध्यम से केवल वही सूचना प्राप्त की जा सकती है जो विभाग के रिकॉर्ड में उपलब्ध हो। किसी अधिकारी से—

  • ❌ राय (Opinion)
  • ❌ स्पष्टीकरण (Explanation)
  • ❌ भविष्यवाणी (Prediction)
  • ❌ कानूनी सलाह (Legal Advice)
  • ❌ "ऐसा क्यों किया?" जैसे प्रश्न

नहीं पूछे जा सकते।

RTI आवेदन कौन कर सकता है?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार प्रत्येक भारतीय नागरिक RTI आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

इस अधिकार का प्रयोग करने के लिए किसी विशेष योग्यता, शैक्षणिक डिग्री, पेशे या सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।

निम्न व्यक्ति RTI आवेदन कर सकते हैं—

RTI आवेदन से पहले क्या तैयारी करें?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत RTI आवेदन करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण तैयारियाँ करना आवश्यक है। सही तैयारी करने से आपकी सूचना समय पर मिलने की संभावना बढ़ जाती है तथा आवेदन निरस्त होने या अनावश्यक देरी की संभावना कम हो जाती है।

✔ सबसे पहले सही विभाग की पहचान करें

जिस विभाग के पास सूचना उपलब्ध है, उसी विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO) को आवेदन भेजें।

उदाहरण—

  • ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड → ग्राम पंचायत / विकास खंड
  • मनरेगा भुगतान → कार्यक्रम अधिकारी / BDO
  • राजस्व रिकॉर्ड → तहसील
  • पुलिस रिकॉर्ड → संबंधित पुलिस कार्यालय
  • विद्यालय संबंधी सूचना → शिक्षा विभाग

✔ पहले यह तय करें कि आपको कौन-सी सूचना चाहिए

RTI लगाने से पहले स्पष्ट रूप से लिख लें कि आपको कौन-कौन से दस्तावेज़ या रिकॉर्ड चाहिए।

क्रम व्यक्ति RTI लगा सकते हैं?
1 छात्र ✅ हाँ
2 किसान ✅ हाँ
3 महिला ✅ हाँ
4 पत्रकार ✅ हाँ
5 अधिवक्ता ✅ हाँ
6 सामाजिक कार्यकर्ता ✅ हाँ
7 व्यापारी ✅ हाँ
गलत तरीका सही तरीका
सड़क क्यों नहीं बनी? सड़क निर्माण का कार्यादेश, भुगतान विवरण, मापन पुस्तिका एवं कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए।
पैसा कहाँ खर्च हुआ? योजना अनुसार व्यय विवरण एवं भुगतान रजिस्टर की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।

✔ सूचना की अवधि (Period) स्पष्ट लिखें

यदि सूचना कई वर्षों से संबंधित है तो अवधि अवश्य लिखें।

उदाहरण

01 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2026 तक के सभी भुगतान विवरण की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएँ।


✔ रिकॉर्ड आधारित सूचना ही माँगें

RTI केवल रिकॉर्ड में उपलब्ध सूचना प्राप्त करने का माध्यम है।

  • ✔ फाइल
  • ✔ आदेश
  • ✔ भुगतान विवरण
  • ✔ अनुबंध
  • ✔ नोटशीट
  • ✔ रजिस्टर
  • ✔ निरीक्षण रिपोर्ट
  • ✔ प्रमाणित प्रतियां
इन बातों से बचें
  • ❌ आपने ऐसा क्यों किया?
  • ❌ अधिकारी ने गलती क्यों की?
  • ❌ आपका क्या मत है?
  • ❌ भविष्य में क्या करेंगे?

✔ एक आवेदन में एक ही विषय रखें

यदि आप सड़क, शौचालय, आवास, मनरेगा और राशन—इन सभी विषयों की सूचना एक ही आवेदन में मांगेंगे, तो उत्तर मिलने में कठिनाई हो सकती है। प्रत्येक विषय के लिए अलग RTI आवेदन देना अधिक उपयुक्त होता है।


✔ प्रश्न छोटे एवं क्रमांकित रखें

प्रत्येक सूचना को अलग-अलग क्रमांक (1, 2, 3...) में लिखें।

अच्छा उदाहरण
  1. कार्यादेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
  2. भुगतान विवरण उपलब्ध कराया जाए।
  3. मापन पुस्तिका (MB) की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
  4. कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए।

✔ प्रमाणित प्रति माँगना न भूलें

यदि आपको किसी दस्तावेज़ का कानूनी उपयोग करना है, तो आवेदन में स्पष्ट लिखें—

"उपरोक्त समस्त अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएँ।"

✔ आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें

हमेशा निम्न रिकॉर्ड अपने पास रखें—

  • ✔ RTI आवेदन की फोटो कॉपी
  • ✔ डाक रसीद (Speed Post/Registered Post)
  • ✔ ऑनलाइन आवेदन संख्या
  • ✔ शुल्क भुगतान रसीद

RTI आवेदन करने से पहले अंतिम Checklist

Checklist स्थिति
सही विभाग चुना
PIO की जानकारी
सूचना स्पष्ट लिखी
समय अवधि लिखी
प्रमाणित प्रति मांगी
आवेदन शुल्क तैयार
आवेदन की प्रति सुरक्षित

RTI आवेदन कैसे लिखें?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक संबंधित लोक सूचना अधिकारी (Public Information Officer - PIO) को आवेदन देकर सूचना प्राप्त कर सकता है। RTI आवेदन लिखने के लिए किसी विशेष प्रारूप (Format) का पालन करना अनिवार्य नहीं है, जब तक कि संबंधित राज्य के नियम अलग प्रारूप निर्धारित न करते हों। फिर भी, स्पष्ट, संक्षिप्त और सुव्यवस्थित आवेदन लिखना सबसे अच्छा माना जाता है।

एक अच्छे RTI आवेदन की विशेषताएँ

  • ✔ सही लोक सूचना अधिकारी (PIO) को संबोधित हो।
  • ✔ विषय (Subject) स्पष्ट लिखा हो।
  • ✔ सूचना क्रमांक (1, 2, 3...) में मांगी गई हो।
  • ✔ समय अवधि (Financial Year / Date Range) स्पष्ट हो।
  • ✔ रिकॉर्ड आधारित सूचना ही मांगी गई हो।
  • ✔ "प्रमाणित प्रति" (Certified Copy) का उल्लेख हो।
  • ✔ भाषा सरल और शिष्ट हो।

RTI आवेदन में क्या-क्या लिखें?

क्रम विवरण
1 लोक सूचना अधिकारी (PIO) का नाम/कार्यालय
2 विभाग का नाम
3 विषय (Subject)
4 सूचना का विवरण
5 आवेदक का नाम
6 पूरा डाक पता
7 मोबाइल नंबर (वैकल्पिक)
8 दिनांक एवं हस्ताक्षर
ध्यान दें

RTI आवेदन में कभी भी यह न लिखें—

  • ❌ आपने ऐसा क्यों किया?
  • ❌ आपकी क्या राय है?
  • ❌ आपने लापरवाही क्यों की?
  • ❌ भविष्य में क्या करेंगे?

हमेशा केवल उपलब्ध रिकॉर्ड, दस्तावेज़, आदेश, भुगतान विवरण, फाइल नोटिंग, मापन पुस्तिका आदि की जानकारी ही मांगें।

Professional RTI Application Format

सेवा में, लोक सूचना अधिकारी, __________________________ (विभाग का नाम) __________________________ विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने हेतु आवेदन। महोदय/महोदया, कृपया मुझे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित सूचनाओं की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का कष्ट करें— 1. ____________________________________________ 2. ____________________________________________ 3. ____________________________________________ 4. ____________________________________________ 5. ____________________________________________ यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग से संबंधित न हो, तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित लोक प्राधिकरण को अग्रेषित करने का कष्ट करें। मैं आवेदन शुल्क नियमानुसार संलग्न कर रहा/रही हूँ। आवेदक का नाम : _______________________ पूरा पता : _____________________________ ___________________________________________ मोबाइल : ______________________________ ईमेल : _______________________________ दिनांक : ______________________________ स्थान : ______________________________ हस्ताक्षर

Pro Tip

यदि आप पंचायत, नगर निगम, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, जल जीवन मिशन, राशन, पेंशन, छात्रवृत्ति या किसी सरकारी योजना से संबंधित सूचना मांग रहे हैं, तो प्रत्येक सूचना को अलग-अलग क्रमांक में लिखें और अंत में यह अवश्य लिखें—

"उपरोक्त सभी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएँ।"

RTI आवेदन का तैयार नमूना (Copy & Edit)

नीचे दिया गया प्रारूप एक सामान्य RTI आवेदन का नमूना है। इसे अपनी आवश्यकता के अनुसार विभाग, विषय एवं मांगी गई सूचना बदलकर उपयोग कर सकते हैं।

Filled RTI Application Example

सेवा में, लोक सूचना अधिकारी, ग्राम पंचायत _________ विकास खंड _________ जनपद _________ विषय : ग्राम पंचायत में वर्ष 2024-25 के विकास कार्यों से संबंधित सूचना उपलब्ध कराने हेतु आवेदन। महोदय, कृपया निम्नलिखित सूचनाओं की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का कष्ट करें— 1. वर्ष 2024-25 में प्राप्त कुल धनराशि का विवरण। 2. स्वीकृत विकास कार्यों की सूची। 3. प्रत्येक कार्य का कार्यादेश (Work Order)। 4. भुगतान विवरण एवं मापन पुस्तिका (Measurement Book) की प्रमाणित प्रति। 5. कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate)। यदि सूचना किसी अन्य लोक प्राधिकरण से संबंधित हो तो अधिनियम के अनुसार अग्रेषित करने का कष्ट करें। भवदीय, नाम : ____________________ पता : ____________________ मोबाइल : _________________ दिनांक : _________________ हस्ताक्षर

प्रिंट करने से पहले ध्यान रखें

  • ✔ सही विभाग का नाम भरें।
  • ✔ लोक सूचना अधिकारी (PIO) का कार्यालय लिखें।
  • ✔ प्रत्येक सूचना अलग क्रमांक में लिखें।
  • ✔ यदि आवश्यक हो तो "प्रमाणित प्रति" अवश्य लिखें।
  • ✔ आवेदन पर दिनांक एवं हस्ताक्षर करें।
  • ✔ शुल्क (जहाँ लागू हो) संलग्न करें।

RTI सीखें Step-by-Step

यदि आप RTI आवेदन, प्रथम अपील, द्वितीय अपील, सूचना आयोग, पंचायत RTI, पुलिस RTI, मनरेगा RTI तथा विभिन्न विभागों के RTI प्रारूप सीखना चाहते हैं, तो Indian Law Fact की RTI श्रृंखला के अगले भाग अवश्य पढ़ें।

8 कोई भी भारतीय नागरिक ✅ हाँ

RTI लगाने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

  • ✔ आवेदक का नाम
  • ✔ पूरा डाक पता
  • ✔ संपर्क नंबर (यदि देना चाहें)
  • ✔ ईमेल (वैकल्पिक)
  • ✔ आवेदन शुल्क (जहाँ लागू हो)
  • ✔ BPL प्रमाणपत्र (यदि शुल्क छूट का दावा हो)

SEO Tip

यदि आप ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, तहसील, पुलिस, बिजली विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग या मनरेगा से संबंधित सूचना चाहते हैं, तो संबंधित विभाग के Public Information Officer (PIO) को ही आवेदन भेजें। गलत विभाग में आवेदन भेजने से उत्तर मिलने में देरी हो सकती है।

ऑनलाइन RTI आवेदन कैसे करें?

आज अधिकांश केंद्रीय सरकारी विभागों में ऑनलाइन RTI आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इससे नागरिक घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन संख्या (Registration Number) प्राप्त होती है, जिससे आवेदन की स्थिति (Status) भी ट्रैक की जा सकती है।

ऑनलाइन RTI के प्रमुख लाभ

  • ✔ घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
  • ✔ आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
  • ✔ ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा।
  • ✔ दस्तावेज़ अपलोड करने का विकल्प।
  • ✔ आवेदन संख्या तुरंत प्राप्त होती है।
  • ✔ समय और डाक खर्च की बचत।

ऑनलाइन RTI आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

Step 1 : RTI पोर्टल खोलें

सबसे पहले संबंधित RTI ऑनलाइन पोर्टल खोलें। यदि संबंधित विभाग ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करता है, तो वहीं से आवेदन किया जा सकता है।

Step 2 : विभाग (Department) चुनें

जिस सरकारी विभाग से सूचना चाहिए, उसे सूची से चुनें।

  • ✔ गृह मंत्रालय
  • ✔ रेलवे
  • ✔ आयकर विभाग
  • ✔ शिक्षा मंत्रालय
  • ✔ ग्रामीण विकास विभाग
  • ✔ अन्य उपलब्ध विभाग

Step 3 : आवेदक की जानकारी भरें

आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा ईमेल (यदि हो) दर्ज करें।

Step 4 : RTI आवेदन लिखें

सूचना स्पष्ट, क्रमांकित तथा रिकॉर्ड आधारित लिखें। प्रत्येक बिंदु अलग-अलग अंकित करें।

सुझाव

500–1000 शब्दों के भीतर संक्षिप्त एवं स्पष्ट आवेदन लिखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

Step 5 : दस्तावेज़ संलग्न करें (यदि आवश्यक हो)

यदि आवेदन के समर्थन में कोई दस्तावेज़ आवश्यक हो, तो निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।

  • ✔ पहचान संबंधी दस्तावेज़ (जहाँ आवश्यक हो)
  • ✔ BPL प्रमाणपत्र (यदि शुल्क छूट का दावा हो)
  • ✔ अन्य आवश्यक दस्तावेज़

Step 6 : आवेदन शुल्क जमा करें

जहाँ शुल्क लागू हो, वहाँ ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा करें।

भुगतान माध्यम उपलब्धता
UPI
Debit Card
Credit Card
Net Banking

Step 7 : आवेदन सबमिट करें

सभी जानकारी की पुनः जांच करने के बाद आवेदन सबमिट करें।

Step 8 : आवेदन संख्या सुरक्षित रखें

आवेदन जमा होने के बाद प्राप्त Registration Number या Reference Number सुरक्षित रखें। भविष्य में आवेदन की स्थिति देखने और अपील करने के लिए यही संख्या आवश्यक होगी।


ऑनलाइन RTI आवेदन करते समय सामान्य गलतियाँ

  • ❌ गलत विभाग का चयन करना।
  • ❌ बहुत लंबा एवं अस्पष्ट आवेदन लिखना।
  • ❌ राय या स्पष्टीकरण मांगना।
  • ❌ समय अवधि का उल्लेख न करना।
  • ❌ आवेदन संख्या सुरक्षित न रखना।

Quick Checklist

  • ☑ सही विभाग चुना।
  • ☑ सूचना स्पष्ट लिखी।
  • ☑ समय अवधि लिखी।
  • ☑ आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड किए।
  • ☑ शुल्क जमा किया (यदि लागू हो)।
  • ☑ आवेदन संख्या सुरक्षित रखी।

महत्वपूर्ण जानकारी

ऑनलाइन RTI सुविधा मुख्य रूप से उन विभागों में उपलब्ध होती है जिन्होंने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है। यदि किसी विभाग में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आप डाक (Speed Post/Registered Post) या व्यक्तिगत रूप से RTI आवेदन जमा कर सकते हैं।

ऑफलाइन RTI आवेदन कैसे करें?

यदि संबंधित विभाग में ऑनलाइन RTI की सुविधा उपलब्ध नहीं है या आप डाक अथवा स्वयं कार्यालय जाकर आवेदन देना चाहते हैं, तो आप सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत ऑफलाइन RTI आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरे भारत में व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है।

ऑफलाइन RTI आवेदन के प्रमुख लाभ

  • ✔ इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती।
  • ✔ सभी सरकारी कार्यालयों में स्वीकार्य।
  • ✔ स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजा जा सकता है।
  • ✔ आवेदन की प्रति एवं डाक रसीद सुरक्षित रखी जा सकती है।
  • ✔ कानूनी रिकॉर्ड के रूप में उपयोगी।

ऑफलाइन RTI आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया

Step 1 : सही लोक सूचना अधिकारी (PIO) की पहचान करें

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस सूचना की मांग की जा रही है, वह किस विभाग के पास उपलब्ध है। उसी विभाग के Public Information Officer (PIO) को आवेदन संबोधित करें।

उदाहरण
  • ग्राम पंचायत रिकॉर्ड → ग्राम पंचायत / विकास खंड
  • राजस्व अभिलेख → तहसील कार्यालय
  • पुलिस रिकॉर्ड → संबंधित पुलिस कार्यालय
  • विद्यालय रिकॉर्ड → शिक्षा विभाग
  • मनरेगा भुगतान → कार्यक्रम अधिकारी / BDO

Step 2 : आवेदन तैयार करें

सादा कागज़ पर अथवा निर्धारित प्रारूप (यदि राज्य में लागू हो) में RTI आवेदन लिखें। सूचना स्पष्ट, क्रमांकित तथा रिकॉर्ड आधारित हो।

Step 3 : आवेदन शुल्क संलग्न करें

जहाँ शुल्क देय हो, वहाँ संबंधित नियमों के अनुसार शुल्क संलग्न करें। शुल्क जमा करने का माध्यम संबंधित सरकार या विभाग के नियमों पर निर्भर करता है।

संभावित माध्यम टिप्पणी
पोस्टल ऑर्डर (IPO) कई विभागों में स्वीकार्य
डिमांड ड्राफ्ट (DD) जहाँ नियमों में अनुमति हो
बैंकर्स चेक कुछ विभाग स्वीकार करते हैं
नकद रसीद कार्यालय में उपलब्ध होने पर
महत्वपूर्ण

शुल्क जमा करने से पहले संबंधित राज्य अथवा विभाग के RTI नियम अवश्य देखें। सभी विभाग एक ही भुगतान माध्यम स्वीकार नहीं करते।

Step 4 : आवेदन जमा करें

आवेदन निम्न में से किसी भी माध्यम से जमा किया जा सकता है—

  • ✔ स्वयं कार्यालय जाकर
  • ✔ स्पीड पोस्ट
  • ✔ रजिस्टर्ड पोस्ट
  • ✔ अधिकृत डाक माध्यम (जहाँ लागू हो)

Step 5 : प्राप्ति प्रमाण सुरक्षित रखें

यदि आवेदन कार्यालय में जमा किया गया है तो उसकी प्राप्ति (Acknowledgement) लें। यदि डाक से भेजा है तो स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट की रसीद सुरक्षित रखें।

क्या सुरक्षित रखें?

  • ✔ RTI आवेदन की कॉपी
  • ✔ शुल्क भुगतान का प्रमाण
  • ✔ स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट रसीद
  • ✔ कार्यालय की प्राप्ति रसीद (यदि उपलब्ध हो)

ऑफलाइन RTI आवेदन में होने वाली सामान्य गलतियाँ

  • ❌ गलत विभाग को आवेदन भेजना।
  • ❌ आवेदन की प्रति अपने पास न रखना।
  • ❌ शुल्क संलग्न न करना (जहाँ आवश्यक हो)।
  • ❌ रिकॉर्ड के बजाय राय या स्पष्टीकरण मांगना।
  • ❌ समय अवधि का उल्लेख न करना।
  • ❌ प्रत्येक प्रश्न को अलग क्रमांक में न लिखना।

Offline RTI Checklist

कार्य स्थिति
सही PIO चुना
आवेदन तैयार किया
शुल्क संलग्न किया (यदि लागू हो)
डाक/कार्यालय में जमा किया
रसीद सुरक्षित रखी

विशेष सुझाव

यदि संभव हो तो RTI आवेदन स्पीड पोस्ट से भेजें और उसकी ट्रैकिंग रसीद सुरक्षित रखें। इससे आवेदन भेजने की तिथि और वितरण का प्रमाण उपलब्ध रहता है, जो प्रथम अपील या अन्य कार्यवाही के समय उपयोगी हो सकता है।

RTI आवेदन शुल्क, BPL नियम एवं आवेदन भेजने की प्रक्रिया

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन करते समय सामान्यतः आवेदन शुल्क देय होता है। हालांकि, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी के आवेदकों को निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन शुल्क से छूट प्राप्त होती है। आवेदन के साथ शुल्क अथवा BPL प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। :contentReference[oaicite:0]{index=0}

RTI आवेदन शुल्क

विवरण शुल्क
प्रारंभिक RTI आवेदन ₹10 (जहाँ संबंधित नियम लागू हों)
A4/A3 आकार की प्रति ₹2 प्रति पृष्ठ (जहाँ लागू)
बड़े आकार के दस्तावेज़ वास्तविक लागत
नमूने / मॉडल वास्तविक लागत
रिकॉर्ड निरीक्षण संबंधित नियमों के अनुसार
महत्वपूर्ण

केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक प्राधिकरणों के लिए RTI (Regulation of Fee and Cost) Rules लागू होते हैं। कई राज्यों ने अपने अलग RTI शुल्क नियम बनाए हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के नियम अवश्य देख लें। :contentReference[oaicite:1]{index=1}


BPL (Below Poverty Line) आवेदकों के लिए नियम

यदि आवेदक BPL श्रेणी का है, तो उसे आवेदन शुल्क देने से छूट मिलती है। इसके लिए आवेदन के साथ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी BPL प्रमाणपत्र अथवा अन्य मान्य प्रमाण संलग्न करना आवश्यक होता है। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

BPL आवेदक को क्या संलग्न करना चाहिए?

  • ✔ BPL प्रमाणपत्र / BPL कार्ड की प्रति
  • ✔ आवेदन पर BPL होने का स्पष्ट उल्लेख
  • ✔ नाम एवं पता स्पष्ट रूप से लिखें
ध्यान दें

यदि BPL छूट का दावा किया गया है लेकिन उसका प्रमाण संलग्न नहीं है, तो आवेदन वैध रूप से स्वीकार न किए जाने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। :contentReference[oaicite:3]{index=3}


RTI आवेदन कहाँ और कैसे भेजें?

RTI आवेदन हमेशा संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) को भेजें। यदि गलत विभाग में आवेदन चला जाता है, तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उसे उचित विभाग को स्थानांतरित किया जा सकता है, लेकिन इससे उत्तर मिलने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

भेजने का माध्यम उपयुक्तता
स्पीड पोस्ट ★★★★★ (सबसे अधिक अनुशंसित)
रजिस्टर्ड पोस्ट ★★★★☆
कार्यालय में स्वयं जमा ★★★★★ (प्राप्ति रसीद लें)
ऑनलाइन पोर्टल (जहाँ उपलब्ध) ★★★★★

आवेदन भेजने के बाद क्या सुरक्षित रखें?

  • ✔ RTI आवेदन की फोटो कॉपी
  • ✔ शुल्क भुगतान का प्रमाण
  • ✔ स्पीड पोस्ट / रजिस्टर्ड पोस्ट की रसीद
  • ✔ ऑनलाइन आवेदन संख्या (यदि ऑनलाइन आवेदन किया हो)
  • ✔ कार्यालय की प्राप्ति रसीद (यदि व्यक्तिगत रूप से जमा किया हो)

आवेदन भेजते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ

  • ❌ गलत PIO को आवेदन भेजना।
  • ❌ शुल्क संलग्न न करना (जहाँ आवश्यक हो)।
  • ❌ BPL प्रमाणपत्र संलग्न न करना।
  • ❌ आवेदन की प्रति अपने पास न रखना।
  • ❌ डाक रसीद सुरक्षित न रखना।
  • ❌ अस्पष्ट या अत्यधिक व्यापक सूचना माँगना।

Expert Tip

यदि आप भविष्य में प्रथम अपील या द्वितीय अपील करने की संभावना देखते हैं, तो आवेदन की प्रति, शुल्क रसीद, डाक रसीद और प्राप्त उत्तर की प्रतियां एक अलग फाइल में सुरक्षित रखें। इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया सरल हो जाती है।

RTI आवेदन जमा करने के बाद क्या होगा?

RTI आवेदन जमा होने के बाद संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) आपके आवेदन का परीक्षण करता है। यदि आवेदन सही विभाग को भेजा गया है और उसमें मांगी गई सूचना उपलब्ध है, तो अधिनियम के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर दिया जाता है।

आवेदन के बाद संभावित कार्यवाही

  • ✔ सूचना उपलब्ध करा दी जाएगी।
  • ✔ अतिरिक्त शुल्क जमा करने का नोटिस भेजा जा सकता है।
  • ✔ आवेदन संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया जा सकता है।
  • ✔ यदि सूचना अधिनियम की अपवाद श्रेणियों में आती है तो कारण सहित अस्वीकार किया जा सकता है।
  • ✔ यदि उत्तर संतोषजनक न हो या समय पर न मिले तो प्रथम अपील का अधिकार उपलब्ध है।

RTI आवेदन पर उत्तर मिलने की समय-सीमा

स्थिति सामान्य समय-सीमा
सामान्य RTI आवेदन 30 दिन
जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित मामला 48 घंटे
गलत प्राधिकरण/APIO के माध्यम से भेजे जाने पर नियमों के अनुसार अतिरिक्त समय लागू हो सकता है

यदि निर्धारित समय के भीतर सूचना प्राप्त नहीं होती या उत्तर अधूरा अथवा असंतोषजनक है, तो प्रथम अपील की जा सकती है। :contentReference[oaicite:0]{index=0}


यदि सूचना नहीं मिले तो क्या करें?

  1. उत्तर मिलने की समय-सीमा पूरी होने तक प्रतीक्षा करें।
  2. यदि उत्तर नहीं मिला या अधूरा मिला, तो प्रथम अपील दायर करें।
  3. यदि प्रथम अपील पर भी उचित निर्णय न मिले, तो संबंधित सूचना आयोग में द्वितीय अपील या उपलब्ध वैधानिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।

RTI आवेदन में होने वाली सामान्य गलतियाँ

  • ❌ एक ही आवेदन में कई अलग-अलग विषय शामिल करना।
  • ❌ गलत विभाग या गलत PIO को आवेदन भेजना।
  • ❌ रिकॉर्ड के स्थान पर राय, स्पष्टीकरण या कारण पूछना।
  • ❌ समय अवधि (Date Range) का उल्लेख न करना।
  • ❌ "प्रमाणित प्रति" नहीं मांगना।
  • ❌ आवेदन की प्रति और डाक रसीद सुरक्षित न रखना।
  • ❌ अत्यधिक लंबा एवं अस्पष्ट आवेदन लिखना।
  • ❌ अपील की समय-सीमा पर ध्यान न देना।

Practical Tips (विशेष सुझाव)

  • ✔ प्रत्येक आवेदन में केवल एक विषय रखें।
  • ✔ सूचना क्रमांक (1, 2, 3...) में मांगें।
  • ✔ केवल रिकॉर्ड आधारित सूचना मांगें।
  • ✔ समय अवधि स्पष्ट लिखें।
  • ✔ "प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएँ" अवश्य लिखें।
  • ✔ आवेदन की फोटो कॉपी सुरक्षित रखें।
  • ✔ स्पीड पोस्ट या प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।
  • ✔ उत्तर प्राप्त होने तक आवेदन संख्या/रसीद संभालकर रखें।
  • ✔ आवश्यकता पड़ने पर समय-सीमा के भीतर प्रथम अपील करें।

Quick Success Formula

सही विभाग → स्पष्ट सूचना → रिकॉर्ड आधारित प्रश्न → समय अवधि → प्रमाणित प्रति → आवेदन की कॉपी सुरक्षित → समय पर अपील


Expert Advice

RTI का उद्देश्य किसी अधिकारी से बहस करना नहीं, बल्कि उपलब्ध सरकारी अभिलेखों तक वैधानिक पहुँच प्राप्त करना है। संक्षिप्त, तथ्यात्मक और रिकॉर्ड-आधारित आवेदन प्रायः अधिक प्रभावी होते हैं। यदि अतिरिक्त शुल्क मांगा जाए, तो उसके भुगतान की सूचना सुरक्षित रखें। यदि उत्तर से संतुष्टि न हो, तो अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध अपील प्रक्रिया का उपयोग करें। :contentReference[oaicite:1]{index=1}


इस श्रृंखला में आगे पढ़ें

  • ➜ RTI में प्रथम अपील कैसे करें?
  • ➜ द्वितीय अपील की पूरी प्रक्रिया
  • ➜ सूचना आयोग में शिकायत कैसे करें?
  • ➜ ग्राम पंचायत RTI के तैयार प्रारूप
  • ➜ पुलिस, तहसील, नगर पंचायत एवं मनरेगा RTI के नमूने

RTI आवेदन की समय-सीमा (Time Limits)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) को निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होती है। यदि समय-सीमा का पालन नहीं किया जाता, तो आवेदक को प्रथम अपील करने का अधिकार प्राप्त होता है।

स्थिति समय-सीमा
सामान्य RTI आवेदन 30 दिन
जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित मामला 48 घंटे
अन्य लोक प्राधिकरण को स्थानांतरण नियमों के अनुसार स्थानांतरण के बाद लागू समय-सीमा

यदि RTI का उत्तर न मिले तो क्या करें?

  1. आवेदन की तिथि एवं रसीद जांचें।
  2. निर्धारित समय-सीमा पूरी होने दें।
  3. यदि उत्तर नहीं मिला या अधूरा मिला, तो प्रथम अपील करें।
  4. अपील के साथ RTI आवेदन एवं डाक/ऑनलाइन रसीद की प्रति संलग्न करें।

RTI आवेदन की अंतिम Checklist

  • ☑ सही विभाग चुना
  • ☑ सही PIO को आवेदन भेजा
  • ☑ सूचना स्पष्ट एवं क्रमांकित लिखी
  • ☑ समय अवधि लिखी
  • ☑ प्रमाणित प्रति मांगी
  • ☑ आवेदन शुल्क/BPL प्रमाण संलग्न किया
  • ☑ आवेदन की प्रति सुरक्षित रखी
  • ☑ डाक/ऑनलाइन रसीद सुरक्षित रखी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या कोई भी RTI आवेदन कर सकता है?

हाँ, प्रत्येक भारतीय नागरिक सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत RTI आवेदन कर सकता है।

2. क्या RTI ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से की जा सकती है?

हाँ। जहाँ ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है वहाँ ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, अन्यथा ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किया जाता है।

3. क्या RTI में कारण बताना आवश्यक है?

नहीं। सामान्यतः सूचना मांगने के लिए कारण बताना आवश्यक नहीं होता।

4. क्या RTI में प्रश्न पूछ सकते हैं?

रिकॉर्ड आधारित सूचना मांगी जा सकती है। राय, स्पष्टीकरण या काल्पनिक प्रश्न पूछना उचित नहीं है।

5. यदि सूचना न मिले तो क्या करें?

निर्धारित समय-सीमा के बाद प्रथम अपील की जा सकती है।

6. क्या BPL आवेदकों को शुल्क देना पड़ता है?

संबंधित नियमों के अनुसार पात्र BPL आवेदकों को आवेदन शुल्क में छूट उपलब्ध हो सकती है।

अगले भाग में पढ़ें

Part 3D में हम विस्तार से समझेंगे—

  • ✔ प्रथम अपील (First Appeal) कैसे करें?
  • ✔ प्रथम अपील का प्रोफेशनल प्रारूप (HTML)
  • ✔ द्वितीय अपील की प्रक्रिया
  • ✔ सूचना आयोग में शिकायत
  • ✔ Complete Appeal Flowchart

प्रथम अपील (First Appeal) क्या है?

यदि आपने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत RTI आवेदन किया है, लेकिन निर्धारित समय के भीतर सूचना प्राप्त नहीं हुई, या प्राप्त सूचना अधूरी, गलत, भ्रामक अथवा असंतोषजनक है, तो आपको संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (First Appellate Authority - FAA) के समक्ष प्रथम अपील करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।

प्रथम अपील, RTI प्रक्रिया का दूसरा चरण है। इसका उद्देश्य लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) द्वारा दिए गए उत्तर या उत्तर न देने की स्थिति की स्वतंत्र समीक्षा कराना है।

प्रथम अपील कब की जाती है?

  • ✔ निर्धारित समय-सीमा में कोई उत्तर प्राप्त न हो।
  • ✔ सूचना आंशिक (Incomplete) दी गई हो।
  • ✔ सूचना गलत या भ्रामक हो।
  • ✔ बिना उचित कारण सूचना देने से मना कर दिया गया हो।
  • ✔ अत्यधिक या अनुचित अतिरिक्त शुल्क की मांग की गई हो।
  • ✔ मांगी गई सूचना रिकॉर्ड में होने के बावजूद उपलब्ध न कराई गई हो।

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) कौन होता है?

प्रत्येक लोक प्राधिकरण में लोक सूचना अधिकारी (PIO) से वरिष्ठ स्तर का एक अधिकारी First Appellate Authority (FAA) नियुक्त किया जाता है। RTI आवेदन से संबंधित प्रथम अपील इसी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाती है।

ध्यान रखें

प्रथम अपील सीधे सूचना आयोग में नहीं की जाती। पहले संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) के समक्ष अपील करना आवश्यक होता है।


प्रथम अपील करने की समय-सीमा

सामान्यतः प्रथम अपील निम्न परिस्थितियों में की जाती है—

स्थिति प्रथम अपील
PIO का उत्तर प्राप्त हुआ उत्तर प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर
कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ निर्धारित उत्तर अवधि समाप्त होने के बाद, सामान्यतः 30 दिनों के भीतर
महत्वपूर्ण

यदि अपील निर्धारित समय के बाद प्रस्तुत की जाती है, तो अपीलीय प्राधिकारी पर्याप्त कारण होने पर विलंब को स्वीकार कर सकता है। विलंब का कारण अपील में स्पष्ट रूप से लिखना उचित होता है।


प्रथम अपील करने से पहले क्या तैयार रखें?

  • ✔ RTI आवेदन की प्रति
  • ✔ डाक रसीद / ऑनलाइन आवेदन संख्या
  • ✔ PIO द्वारा दिया गया उत्तर (यदि प्राप्त हुआ हो)
  • ✔ अतिरिक्त शुल्क संबंधी पत्र (यदि प्राप्त हुआ हो)
  • ✔ अपील के आधार (Grounds of Appeal)
  • ✔ आवश्यक संलग्नकों की सूची

प्रथम अपील किन आधारों पर स्वीकार हो सकती है?

  1. सूचना समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।
  2. अधूरी सूचना प्रदान की गई।
  3. गलत अथवा भ्रामक सूचना दी गई।
  4. सूचना देने से बिना उचित कानूनी आधार के इंकार किया गया।
  5. आवेदन का विधिसम्मत निस्तारण नहीं किया गया।

Quick Timeline

RTI आवेदन ➜ PIO का उत्तर / उत्तर न मिलना ➜ प्रथम अपील ➜ FAA द्वारा निर्णय ➜ आवश्यकता होने पर द्वितीय अपील


Expert Tip

प्रथम अपील में केवल यह लिखना पर्याप्त नहीं है कि "सूचना नहीं मिली"। अपील में स्पष्ट रूप से बताएं कि आपने RTI आवेदन कब किया, किस विभाग को भेजा, क्या सूचना मांगी थी, किस कारण से आप उत्तर से असंतुष्ट हैं तथा आप अपीलीय प्राधिकारी से क्या राहत (Relief) चाहते हैं। इससे अपील अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनती है।

प्रथम अपील (First Appeal) कैसे लिखें?

यदि लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) ने समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई है, अधूरी सूचना दी है या सूचना देने से इंकार किया है, तो संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (First Appellate Authority) के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की जाती है।

प्रथम अपील में क्या-क्या लिखें?

  • ✔ प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का नाम एवं पद
  • ✔ विभाग का नाम
  • ✔ अपीलकर्ता का नाम एवं पता
  • ✔ मूल RTI आवेदन की तिथि
  • ✔ आवेदन संख्या (यदि उपलब्ध हो)
  • ✔ PIO के उत्तर का विवरण (यदि प्राप्त हुआ हो)
  • ✔ अपील के आधार (Grounds)
  • ✔ मांगी गई राहत (Relief Sought)
  • ✔ संलग्नकों की सूची

प्रथम अपील का प्रारूप (Sample Format)

सेवा में,
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी
__________________________
(विभाग का नाम)

विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील।

महोदय,

मैंने दिनांक __/__/____ को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत किया था।

आवेदन का विवरण —

RTI आवेदन दिनांक : ______________

PIO का नाम : ____________________

विभाग : _________________________

आवेदन संख्या (यदि हो) : __________

मुझे निम्न कारणों से प्रथम अपील प्रस्तुत करनी पड़ रही है—

1. निर्धारित समय में सूचना प्राप्त नहीं हुई।

या

2. सूचना अधूरी / गलत / भ्रामक प्रदान की गई।

या

3. बिना वैधानिक कारण सूचना देने से इंकार किया गया।

अतः निवेदन है कि मेरे RTI आवेदन का परीक्षण कराते हुए मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक आदेश पारित करने की कृपा करें।

संलग्नक—

1. RTI आवेदन की प्रति

2. डाक रसीद / ऑनलाइन आवेदन

3. PIO का उत्तर (यदि प्राप्त हुआ हो)

4. अन्य दस्तावेज

दिनांक : ______________

स्थान : ______________

भवदीय,

(हस्ताक्षर)

नाम : ______________________

मोबाइल : ___________________

पता : ______________________


प्रथम अपील के साथ कौन-कौन से दस्तावेज़ संलग्न करें?

दस्तावेज़ आवश्यक
RTI आवेदन की प्रति ✔ अनिवार्य
डाक रसीद / ऑनलाइन आवेदन ✔ अनिवार्य
PIO का उत्तर यदि प्राप्त हुआ हो
अन्य संबंधित दस्तावेज आवश्यकतानुसार

प्रथम अपील लिखते समय ध्यान रखें

  • ✔ केवल तथ्य लिखें।
  • ✔ RTI आवेदन की तिथि अवश्य लिखें।
  • ✔ स्पष्ट बताएं कि आप किस कारण से असंतुष्ट हैं।
  • ✔ मांगी गई राहत (Relief) स्पष्ट लिखें।
  • ✔ सभी संलग्नकों का उल्लेख करें।
  • ✔ अपील पर हस्ताक्षर करना न भूलें।

Expert Tip

प्रथम अपील में भावनात्मक भाषा, आरोप या अनावश्यक टिप्पणियाँ लिखने के बजाय केवल कानूनी तथ्यों, तिथियों और रिकॉर्ड का उल्लेख करें। सुव्यवस्थित अपील से शीघ्र एवं प्रभावी निर्णय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।


अगले भाग में

Part 3D-3 में पढ़ें—

  • ✔ द्वितीय अपील (Second Appeal)
  • ✔ सूचना आयोग में अपील
  • ✔ कब करें?
  • ✔ समय-सीमा
  • ✔ Professional Format

द्वितीय अपील (Second Appeal) क्या है?

यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (First Appellate Authority - FAA) द्वारा निर्धारित समय में निर्णय नहीं दिया जाता, अथवा दिया गया निर्णय संतोषजनक नहीं है, तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के अंतर्गत संबंधित केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) या राज्य सूचना आयोग (SIC) के समक्ष द्वितीय अपील (Second Appeal) प्रस्तुत की जा सकती है।

द्वितीय अपील कब करें?

  • ✔ प्रथम अपील का निर्णय प्राप्त न हो।
  • ✔ FAA का आदेश कानून के अनुरूप न हो।
  • ✔ सूचना फिर भी उपलब्ध न कराई गई हो।
  • ✔ अधूरी, गलत या भ्रामक सूचना दी गई हो।
  • ✔ सूचना देने से अनुचित रूप से इंकार किया गया हो।

द्वितीय अपील किसके पास की जाती है?

विभाग अपील कहाँ होगी?
केंद्र सरकार के विभाग केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission)
राज्य सरकार के विभाग संबंधित राज्य सूचना आयोग (State Information Commission)

द्वितीय अपील की समय-सीमा

सामान्यतः प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय की तिथि से 90 दिनों के भीतर द्वितीय अपील प्रस्तुत की जाती है। विलंब होने पर आयोग उचित कारण होने पर विलंब को क्षमा कर सकता है।


द्वितीय अपील के साथ कौन-कौन से दस्तावेज़ लगाएं?

  • ✔ मूल RTI आवेदन की प्रति
  • ✔ डाक रसीद / ऑनलाइन आवेदन संख्या
  • ✔ PIO द्वारा दिया गया उत्तर (यदि प्राप्त हुआ हो)
  • ✔ प्रथम अपील की प्रति
  • ✔ प्रथम अपील पर प्राप्त आदेश (यदि उपलब्ध हो)
  • ✔ अन्य संबंधित दस्तावेज़

द्वितीय अपील का सामान्य प्रारूप

सेवा में,

माननीय सूचना आयुक्त,

__________________________

(केंद्रीय / राज्य सूचना आयोग)

विषय :
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के अंतर्गत द्वितीय अपील।

महोदय,

मैंने दिनांक __/__/____ को RTI आवेदन प्रस्तुत किया था।

तत्पश्चात प्रथम अपील दिनांक __/__/____ को प्रस्तुत की गई।

किन्तु अब तक सूचना प्राप्त नहीं हुई / प्राप्त आदेश से मैं असंतुष्ट हूँ।

अतः निवेदन है कि अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक आदेश पारित करने की कृपा करें।

दिनांक :

स्थान :

अपीलकर्ता

(हस्ताक्षर)


द्वितीय अपील में सामान्य गलतियाँ

  • ❌ प्रथम अपील किए बिना सीधे सूचना आयोग पहुँचना।
  • ❌ RTI आवेदन की प्रति संलग्न न करना।
  • ❌ प्रथम अपील की प्रति न लगाना।
  • ❌ स्पष्ट राहत (Relief) न लिखना।
  • ❌ केवल शिकायत लिख देना, कानूनी आधार न देना।
  • ❌ दस्तावेजों का क्रमवार संलग्नक न बनाना।

Expert Tips

  • ✔ सभी दस्तावेज क्रमांकित करें।
  • ✔ RTI, प्रथम अपील और उत्तर की तिथियाँ स्पष्ट लिखें।
  • ✔ तथ्यात्मक भाषा का प्रयोग करें।
  • ✔ आयोग से स्पष्ट राहत (Relief) मांगें।
  • ✔ सभी संलग्नकों की सूची अंत में दें।

द्वितीय अपील की प्रक्रिया (Quick Flow)

RTI आवेदन ⬇ PIO का उत्तर / उत्तर नहीं ⬇ प्रथम अपील (FAA) ⬇ FAA का निर्णय ⬇ यदि असंतोष हो ⬇ द्वितीय अपील ⬇ सूचना आयोग


अगले भाग (Part 3D-4)

  • ✔ RTI Complaint (शिकायत) कब करें?
  • ✔ Complaint और Appeal में अंतर
  • ✔ Complete RTI Flowchart
  • ✔ FAQ Schema
  • ✔ Article Conclusion
  • ✔ Final Call To Action

RTI Complaint (शिकायत) क्या है?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18 के अंतर्गत यदि किसी नागरिक को RTI आवेदन करने, आवेदन स्वीकार करने, लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति न होने, अनुचित शुल्क मांगे जाने या अन्य प्रक्रियागत बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो वह संबंधित सूचना आयोग के समक्ष शिकायत (Complaint) प्रस्तुत कर सकता है।

Complaint कब की जा सकती है?

  • ✔ RTI आवेदन स्वीकार करने से मना कर दिया गया हो।
  • ✔ विभाग में PIO नियुक्त न हो।
  • ✔ अनुचित आवेदन शुल्क मांगा गया हो।
  • ✔ आवेदन प्राप्त करने से इंकार किया गया हो।
  • ✔ सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की गई हो।

Appeal और Complaint में अंतर

आधार Appeal (धारा 19) Complaint (धारा 18)
कब? सूचना न मिलने या गलत सूचना मिलने पर प्रक्रियागत बाधा होने पर
किसके पास? FAA / सूचना आयोग सीधे सूचना आयोग
उद्देश्य सूचना प्राप्त करना प्रक्रिया संबंधी शिकायत

RTI प्रक्रिया का Complete Flowchart

RTI आवेदन

PIO

उत्तर मिला?
✅ हाँ → सूचना प्राप्त

❌ नहीं / असंतोष

प्रथम अपील (FAA)

FAA का आदेश
✅ संतोषजनक → प्रक्रिया समाप्त

❌ असंतोष

द्वितीय अपील

सूचना आयोग

महत्वपूर्ण सुझाव

  • ✔ आवेदन की एक प्रति हमेशा सुरक्षित रखें।
  • ✔ डाक रसीद या ऑनलाइन रसीद सुरक्षित रखें।
  • ✔ सभी तिथियाँ नोट करें।
  • ✔ निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही अपील करें।
  • ✔ प्रत्येक अपील के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  • ✔ केवल रिकॉर्ड आधारित सूचना ही मांगें।

RTI FAQ

क्या प्रथम अपील करना अनिवार्य है?

यदि सूचना न मिले या उत्तर से असंतोष हो तो सामान्यतः द्वितीय अपील से पहले प्रथम अपील की जाती है।

क्या सीधे सूचना आयोग जा सकते हैं?

द्वितीय अपील के मामलों में सामान्यतः पहले प्रथम अपील की प्रक्रिया अपनाई जाती है। शिकायत (Complaint) के कुछ मामलों में सीधे सूचना आयोग से संपर्क किया जा सकता है।

क्या RTI में वकील रखना आवश्यक है?

नहीं। कोई भी भारतीय नागरिक स्वयं RTI आवेदन, अपील या शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।

क्या RTI ऑनलाइन अपील भी की जा सकती है?

यह संबंधित सूचना आयोग एवं विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधा पर निर्भर करता है।


निष्कर्ष (Conclusion)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रभावी कानूनी साधन प्रदान करता है। सही विभाग का चयन, स्पष्ट RTI आवेदन, समय-सीमा का पालन तथा आवश्यक होने पर प्रथम अपील, द्वितीय अपील या शिकायत की प्रक्रिया अपनाकर कोई भी नागरिक अपने सूचना के अधिकार का प्रभावी उपयोग कर सकता है।

यह मार्गदर्शिका RTI आवेदन से लेकर सूचना आयोग तक की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाने के उद्देश्य से तैयार की गई है ताकि आम नागरिक, विद्यार्थी, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और शोधकर्ता इसका व्यावहारिक उपयोग कर सकें।


Indian Law Fact

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RTI, संविधान, न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय, कानूनी प्रारूप तथा विधिक जानकारी के लिए नियमित रूप से Indian Law Fact पढ़ते रहें।

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